रोल सुबह से ही
चिता जल उठती है !
और एक आदमी
जो उसी पर है
उसे बुझाने की खूब-खूब कोशिश करता है.
धीरे-धीरे रात आती है
और वो उसी पर
थककर शायद सो जाता है.
मगर फिर सुबह से
वही क्रम सुरु हो जाता है
दिन भर.
खुदा जाने!
कब वो आदमी सफल होगा
चिता को बुझाने के प्रयत्न में,
यी चिता सफल होगी
उसे जलाने में.
Thursday, July 29, 2010
Subscribe to:
Post Comments (Atom)


अंत में तो आदमी को ही जलना होगा.
ReplyDeleteठीक ,बहुत अछ्छा कमेन्ट है,धन्यवाद.
ReplyDelete