Follow by Email

Sunday, May 8, 2011

तुझे तो मालूम है !

आईने में जब भी देखता हूं मैं
मुझे तू ही नजर आता है !
अपने को देखने के लिये
तेरी आँखों में झाँक लेता हूं.

तुझे तो मालूम है.

अपने बारे में सोचता हूं तो
तेरे बारे में सोचने लगता हूं.
तेरी तस्वीर अगर छू लेता हूं
आपना वजूद मैं आंक लेता हूं.

तुझे तो मालूम है.

गर तुझसे दूर रहता हूं कभी
गा गा कर मंद झकोरों में
तेरी यादों के गीतों को
तेर दामन में टांक देता हूं.

तुझे तो मालूम है.

2 comments: