अन्ना !
वाह वाह !
क्या खूब है !!
ये तो येक
जलती हुई मशाल है.
भ्रष्टाचार,अन्याय और गरीबी के
घनघोर अँधेरे में
इमानदारी ,न्याय और समृद्धी की
रोशनी लिये हुये !
ये बात तो आश्चर्यचकित कर देने वाली है कि
अब तक क्या करते रहे
वो सांसद
जिन्हें लोग अछ्छा क़ानून बनाने कि लिये
चुनते रहे सालों से....
जब अछ्छे क़ानून बनाए जा सकते हैं
तो उन्होंने बनाया क्यों नहीं ?
बस केवल माल ही डकारते रह गये ?
दादागिरी-ही करते रह गये ???
मगर अब अन्नागिरी के आगे
चारों खाने चित्त हो गये.
जलती रहे ये मशाल
और इसकी रोशनी
समाज में ब्याप्त अंधेरों को
चीरती रहे !!
Sunday, August 28, 2011
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अन्ना जी के नेतृत्व में जनता ने एकजुट होकर ये दिखा दिया की एकता में ही बल है । सत्ताधारियों की गुंडागर्दी अब ज्यादा दिन नहीं चलेगी।
ReplyDeleteअन्ना की रोशनी देश की सीमाएं पार कर चुकी हैं, यह खुशी की बात है।
ReplyDeleteबहुत सशक्त प्रस्तुति।
ReplyDeleteआभार...
Great post.
ReplyDeleteसुन्दर प्रस्तुति |मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वगत है । कृपया निमंत्रण स्वीकार करें । धन्यवाद ।
ReplyDeleteबहुत अच्छी जानकारी....ज्ञानवर्धन के लिए आभार.। मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । धन्यवाद ।
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